ആജ് കാ ശബ്ദ് ഖനൻ അനുജ് ലുഗുൻ മികച്ച കവിത ജോ ഹരിയാലി സേ മുൻ മോഡ് ചുകേ ഹേ

                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- खनन, जिसका अर्थ है- खानों में से कोयला या खनिज पदार्थ निकालने की क्रिया या भाव। प्रस्तुत है अनुज लुगुन की कविता- जो हरियाली से मुँह मोड़ चुके हैं
                                                                                                
                                                     
                            

जो हरियाली से मुँह मोड़ चुके हैं
वे सभी इस अपराध में संलिप्त हैं

जो जीडीपी वाले हैं
जो सेंसेक्स के साथ उछल रहे हैं
उन पर मुक़दमा दर्ज किया जाए
अर्थशास्त्रियों से पूछा जाए कि
वे गिलहरी की कितनी प्रजातियों के बारे में जानते हैं
उनकी परीक्षा हो समुद्र में तैरने की, बिना ऑक्सीजन के
या उनसे कहा जाए कि
वे बिना छाँव के कितनी दूर चल सकते हैं

राजनेताओं से पूछा जाए
कि वे होराल और डोल्फ़िन के बिना
कितने युगों तक चुनाव जीत सकते हैं

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4 മണിക്കൂർ മുമ്പ്

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