ആജ് കാ ശബ്ദ് ആകസ്മിക് അലോക് ധന്വാ കി കവിതാ ഭൂൽ പനേ കി ലഡായി

                
                                                             
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- आकस्मिक, जिसका अर्थ है- अचानक, सहसा, अकस्मात। प्रस्तुत है आलोक धन्वा की कविता- भूल पाने की लड़ाई 
                                                                     
                            

उसे भूलने की लड़ाई 
लड़ता रहता हूँ 
यह लड़ाई भी 
दूसरी कठिन लड़ाइयों जैसी है 

दुर्गम पथ जाते हैं उस ओर 

उसके साथ गुज़ारे 
दिनों के भीतर से 
उठती आती है जो प्रतिध्वनि 
साथ-साथ जाएगी आजीवन 

इस रास्ते पर कोई 
बाहरी मदद पहुँच नहीं सकती 

उसकी आकस्मिक वापसी की छायाएँ 
लंबी होती जाती हैं 
चाँद-तारों के नीचे 

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2 മണിക്കൂർ മുമ്പ്

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