ആജ് കാ ശബ്ദ് ഉപാർ ഉമേഷ് കുമാർ രതി മികച്ച കവിത പ്രൺ പ്രിയേ അഭർ

                
                                                                                 
                            'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- उपहार, जिसका अर्थ है- बड़े या प्रिय को दी जाने वाली कोई अच्छी वस्तु, भेंट। प्रस्तुत है उमेश कुमार राठी की कविता- प्राण प्रिये आभार 
                                                                                                
                                                     
                            

प्यार बना उपहार हमारा
प्राण प्रिये आभार
याद रहेगा ताजीवन अब
यह मनहर उपकार

मुख पर है मुस्कान ज़रूरी
इसके बिन पहचान अधूरी
जोड़ रखी हो इन आँखों में
लाज हया का मान मयूरी
जीवन के अनुपम वैभव पर
एकल है अधिकार

वाणी में मृदु भाष भरा है
एक अनोखा हास भरा है
दामन के इस परिसीमन में
जीवन का अहसास भरा है
प्रेम सुवासित कस्तूरी से
महक रहा संसार

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37 മിനിറ്റ് മുമ്പ്

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